चा0सायक ०क नाभि सर सोा । ुपर ल»े भय` सिर करि रोा॥ ला सिर बागयU चले नाराचा । सिर भय` गUीन Lंर˙U मगिU नाचा॥ 1॥ ˇरनि ˇस§ ˇर ˇाव पýचं˙Uा । िब सर गUिि पýभय कहरि दय§ „ं˙Uा॥ »र्`े'U मरि घाोर रव भारी । कगUा¡ रामय रन गUिाउ पचारी॥ 2॥ ˙Uोली भŒमि »िरि दसकंरˇर । छयUभिि सिंˇय सरि दि»` भŒˇर॥ ˇरनि परेU'U mा „ं˙U बÉ‚Uार्§ । चापि भालय मर्करंU समयदार्§॥ 3॥ मंदोदरि ुा»ेउ भय` सीसा । ˇरि सर चले `गUा¡ `»दीसा॥ पýबिसे सब निां» मगयU `ार्§ । दे„ि सयरगU दंयदयभीउ ब`ार्§॥ 4॥ िासय िे` समान पýभय ुानन । गUरो दे„ि संभय चियरानन॥ `य `य ˇयनि पŒरी बýrा्ं˙Uा । `य रघायबीर पýबल भय`दं˙Uा॥ 5॥ बरागिंU सयमन देव मयनि बहंदा । `य कहरपाल `य `यिि मयकयंरदा॥ 6॥
922 * ŚR’ RMACARITAMNASA*
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