चा0पýभय गUनयमंिगिU कगUा बयÛार्§ । ˇरि बंयU रूरप ुवˇपयर `ार्§॥ भरिगिU कयरसल गUमारि सयना०गयU । समाचार ला ियगU चलि ुा०गयU॥ 1॥ ियरि पवनसयि »वनि भय“र । िब पýभय भरmा` पगिंU »य“र॥ नाना बिˇि मयनि पŒ`ा कीगUी । ुSियिि करि पयनि ुासिा दीगUी॥ 2॥ मयनि पद बंदि `य»ल कर `ोरी । चÉि‚U बिमान पýभय चले बगUोरी॥ सयरसरि नाघिा `ान िब ुायो । 'UिरेU' िंU पýभय ुायसय पायो॥ िब सीिा¡ पŒ`ी सयरसरी । बगयU पýकार पयनि चरनिगU परी॥ 4॥ दीिगU ुसीस गUराि मन »ं»ा । सयंदरि िव ुगिUवाि ुभं»ा॥ सयनि »यगUा ˇाय'U पýेमाकयरल । ुाय'U निकंU परम सय„ संकयरल॥ 5॥ पýभयगिU सगिUि बिलोकि बादेगUी । परेU'U ुवनि िन सयˇि नगिंU िेगUी॥ पýीिि परम बिलोकि रघायरार्§ । गUराि 'U˘Uा§ लियो 'Uर लार्§॥ 6॥
946 * ŚR’ RMACARITAMNASA*
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